English
उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना

5- ब्याज उपादान के भुगतान की प्रक्रिया–

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत नोडल बैंक से उद्यमी को दी जाने वाली मार्जिनमनी (अनुदान) की धनराशि प्राप्त होने के पश्चात् बैंक द्वारा कुल परियोजना लागत में मार्जिनमनी की धनराशि एवं लाभार्थियों के अंशदान को घटाते हुए शेष ऋण धनराशि पर बैंक द्वारा लिये जाने वाले ब्याज की धनराशि का प्रत्येक छमाही ब्याज उपादान क्लेम जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को प्रस्तुत किया जायेगा। तत्पश्चात् ब्याज उपादान क्लेम की धनराशि लेखा परीक्षक से जांचोपरान्त भुगतान किये जाने वाली धनराशि का बिल पारित करते हुए एन०ई०एफ०टी०/आर०टी०जी०एस० के माध्यम से सीधे लाभार्थी के पक्ष में बैंक को हस्तांतरित किये जाने हेतु कोषागार को प्रेषित किया जायेगा। पं० दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना अन्तर्गत ब्याज उपादान की अधिकतम सीमा 13% से अधिक नहीं होगी। इस योजना के अन्तर्गत इकाईयों को ब्याज उपादान की धनराशि का भुगतान प्रत्येक छः माह पर किया जायेगा तथा भुगतान की सूचना सम्बन्धित जिला ग्रामोद्योग अधिकारी द्वारा लाभार्थी एवं बैंक को भी 7 दिन के अन्दर प्रदान की जायेगी।

6- योजना के संचालन हेतु प्रक्रिया

पं० दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना प्रदेश में संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों हेतु निर्धारित लक्ष्यों तथा इकाई की संख्या एवं पूंजीनिवेश को दृष्टिगत रखते हुए आकलित ऋण धनराशि [परियोजना लागत- (मार्जिन मनी अनुदान + उद्यमी अंशदान)] पर अधिकतम 13% की दर से ब्याज उपादान की मांग शासन से की जायेगी। शासन से याजनान्तर्गत प्राप्त बजट की फांट जनपद के लक्ष्य को दृषिगत रखते हुए सम्बंधित जिलाधिकारियों को प्रेषित की जायेगी। उक्त योजनान्तर्गत जनपद के मुख्य विकास अधिकारी आहरण/वितरण अधिकारी होंगे।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी द्वारा नियमानुसार प्राप्त समस्त अभिलेखों के आधार पर पत्रावली तैयार की जायेगी। प्राप्त दावा पत्रक का परीक्षण एवं इकाई के स्थलीय निरीक्षण के उपरान्त बैंक द्वारा क्लेम किये ब्याज उपादान के बिल व अन्य अभिलेखों (बिन्दु संख्या-4 में उल्लिखित) की जांच लेखा परीक्षक से कराने के पश्चात् ब्याज उपादान भुगतान किये जाने की कार्यवाही एन०ई०एफ०टी०/आर०टी०जी०एस० के माध्यम से 15 दिन के भीतर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी कराना सुनिश्चित करेंगे।

7- ब्याज उपादान का लाभ किन परिस्थितियों में देय नहीं होगा

योजना के अन्तर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत वित्तपोषित/स्थापित इकाईयों को ब्याज उपादान का लाभ निम्नलिखित परिस्थितियों में देय नहीं होगाः–

  • यदि उद्यमी ने ऋण का दुरूपयोग किया हो।
  • यदि उद्यमी ने प्रोजेक्ट का कार्य पूरा नहीं किया और जान–बूझकर चूक कर रहा हो।
  • यदि इकाई उत्पादन/सेवा कार्य नहीं कर रही हो अथवा बन्द हो।
  • अपवाद स्वरूप किसी भी दैवी आपदा/असामयिक दुर्घटना में उद्यमी की मृत्यु होने के कारण यदि उद्यमी का उद्योग प्रभावित होता है तो इसका परीक्षण सम्बन्धित जिलाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत लाभार्थियों के चयन हेतु गठित कमेटी (डी०एल०टी०एफ०सी०) की संस्तुतियों के आधार पर उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जोयगा।

8- इकाई कार्यरत न रहने पर ब्याज उपादान की वापसी

उद्यमी द्वारा 03 वर्ष के अन्दर यदि उद्योग बन्द कर दिया जाता है या जान–बूझकर ऋण धनराशि का दुरूपयोग किया जाता है अथवा इकाई का परियोजनानुसार स्थापना एवं संचालन नहीं किया जाता है तो ऐसी दशा में बैंकों द्वारा ऋण एवं प्रदत्त ब्याज उपादान की वसूली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद स्तर पर गठित टास्क फोर्स कमेटी के माध्यम से डिफाल्टर उद्यमी से की जायेगी।