(7)  व्यवस्था की विशिष्टियाँ जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
Arrangement for Consultation with Public


खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड उ० प्र० विधान मण्डल के अधिनियम के अन्तर्गत गठित स्वायत्तशासी निकाय है जिसमें समस्त नीतिगत एवं महत्वपूर्ण निर्णय संचालक मण्डल द्वारा लिये जाते हैं। मा० मंत्री खादी तथा ग्रामोद्योग, बोर्ड के पदेन अध्यक्ष हैं तथा 7 गैर सरकारी सदस्य दो वर्ष की अवधि के लिए संचालक मण्डल हेतु नामित किये जाते हैं। इन्हीं गैर सरकारी सदस्यों में से एक पूर्णकालिक उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। नीति निर्धारण के महत्वपूर्ण निर्णयों में गैर सरकारी सदस्यों के माध्यम से जन साधारण की पूर्ण भागीदारी का प्राविधान है।

इसके अतिरिक्त बोर्ड को विभिन्न मामलों में परामर्श देने हेतु अधिनियम की धारा 31 बी के अन्तर्गत राज्य सरकार एक सलाहकार समिति गठित कर सकती है जिसमें प्रत्येक राजस्व मण्डल से एक ऐसा व्यक्ति नामित किया जाता है जो खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में विशेष रूचि रखता हो। अत: इस परामर्शदात्री समिति के माध्यम से जनसाधारण की आकांक्षाएं, अपेक्षाएं एवं सुझाव संचालक मण्डल तक पहुँच सकती हैं।

कापीराइट 2007 | खादी एवं ग्रामोद्योग, उत्‍तर प्रदेश सरकार, भारत | 1024x768 पर सर्वोत्तम दृष्‍टि