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उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

कार्यालयों पर अभिलेख

अध्याय - 5

बोर्ड मुख्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों पर अभिलेख

बोर्ड मुख्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों पर मुख्य रूप से निम्न अभिलेख संरक्षित हैं।

मुख्यालय (लेखा)

उपस्थिति रजिस्टर, डायरी डिस्पैच रजिस्टर, कैशबुक, जी0पी0एफ0 रजिस्टर शासकीय नियमों के अनुसार रखा जाता है। सामूहिक बीमा रजिस्टर, कल्याणकोष रजिस्टर, भवन निर्माण अग्रिम रजिस्टर, चिकित्सा सुविधा, वेतन, विविध व्यय सम्बन्धी आय-व्ययक रजिस्टर।

पेंशन सम्बन्धी रजिस्टर शासकीय कर्मचारियों की भांति वांछित रजिस्टर एवं रिकार्ड्स।

मुख्यालय (कार्मिक)

उपस्थिति पंजिका, डायरी डिस्पैच रजिस्टर, सर्विस बुक, व्यक्तिगत पत्रावलियां, चयन समिति एवं पदोन्नति समिति कार्यवाही रजिस्टर, चरित्र पंजिका सम्बन्धी रजिस्टर एवं रिकार्ड्स। समूह 'क', 'ख', 'ग' एवं 'घ' की सेवा विनियमावली का प्रख्यापन।

विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में

योजना अनुभाग में उपस्थिति रजिस्टर, डायरी रजिस्टर, डिस्पैच रजिस्टर, ऋण वितरण एवं वसूली सम्बन्धी रजिस्टर (रिकार्ड्स), मार्जिन मनी योजना सम्बन्धी रजिस्टर, प्रधान मंत्री रोजगार स्रजन कार्यक्रम, मुख्य मंत्री रोजगार योजना सम्बन्धी रजिस्टर एवं रिकार्ड्स क्रय-विक्रय/स्टाक सम्बन्धी रिकार्ड।

परिक्षेत्रीय कार्यालय

उपस्थिति रजिस्टर, डायरी रजिस्टर, डिस्पैच रजिस्टर, मूवमेण्ट रजिस्टर, वेतन बिल रजिस्टर एवं कैशबुक रजिस्टर, टी०ए० बिल रजिस्टर, विभिन्न योजनाओं से सम्बन्धित रिकार्ड एवं रजिस्टर, बैठक कार्यवाही रजिस्टर।

जिला ग्रामोद्योग कार्यालय

उपस्थिति पंजिका, डायरी रजिस्टर एवं डिस्पैच रजिस्टर, कैशबुक, वेतन बिल रजिस्टर, ऋण वितरण रजिस्टर, वसूली रजिस्टर, मार्जिन मनी रजिस्टर एवं रिकार्ड्स, मुख्यमंत्री रोजगार योजना सम्बन्धी रजिस्टर एवं रिकार्ड्स।

अध्याय - 5A

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड उ० प्र० विधान मण्डल के अधिनियम के अन्तर्गत गठित स्वायत्तशासी निकाय है जिसमें समस्त नीतिगत एवं महत्वपूर्ण निर्णय संचालक मण्डल द्वारा लिये जाते हैं। मा० मंत्री खादी तथा ग्रामोद्योग, बोर्ड के पदेन अध्यक्ष हैं तथा 7 गैर सरकारी सदस्य दो वर्ष की अवधि के लिए संचालक मण्डल हेतु नामित किये जाते हैं। इन्हीं गैर सरकारी सदस्यों में से एक पूर्णकालिक उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। नीति निर्धारण के महत्वपूर्ण निर्णयों में गैर सरकारी सदस्यों के माध्यम से जन साधारण की पूर्ण भागीदारी का प्राविधान है।

इसके अतिरिक्त बोर्ड को विभिन्न मामलों में परामर्श देने हेतु अधिनियम की धारा 31 बी के अन्तर्गत राज्य सरकार एक सलाहकार समिति गठित कर सकती है जिसमें प्रत्येक राजस्व मण्डल से एक ऐसा व्यक्ति नामित किया जाता है जो खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में विशेष रूचि रखता हो। अत: इस परामर्शदात्री समिति के माध्यम से जनसाधारण की आकांक्षाएं, अपेक्षाएं एवं सुझाव संचालक मण्डल तक पहुँच सकती हैं।

शासनादेश द्वारा सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग, उ० प्र० शासन की अध्यक्षता में खादी बिक्री रिबेट समिति गठित है जिसमें शासन के प्रतिनिधियों के अलावा खादी उत्पादन का उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। समिति द्वारा खादी संस्थाओं को बोर्ड द्वारा भुगतान किये जाने वाली खादी बिक्री रिबेट की छूट की समीक्षा, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण किया जाता है।