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उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

प्रशिक्षण योजना

उ0प्र0 के सभी जनपदों में कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना/उद्यमिता विकास प्रशिक्षण व सशुल्क प्रशिक्षण भी कराये जाते है उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन शासन द्वारा स्वीकृत/ प्राविधानित धनराशि से कार्ययोजना के अनुरूप शासनादेश के अनुसार प्राप्त धनराशि निम्नानुसार संचालित 10 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से प्रदेश के समस्त जनपदो मेंकौशल सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कराया जाता है -

क्र०सं० प्रशिक्षण केन्द्र का नाम केन्द्र के अन्तर्गत आच्छादित जनपद प्राचार्य का नाम सी0यू0जी0
1 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, डालीगंज लखनऊ लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, अमेठी, सीतापुर, रायबरेली,बाराबंकी श्री श्रीमती तनुजा, प्रशिक्षक/प्रभारी प्राचार्य 7408410834
2 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, खजनी-गोरखपुर गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीरनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती श्री उमेन्द्र चिकारा, प्रशिक्षक / प्रभारी प्राचार्य 7408410740
9837145645
3 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, बहराइच बहराईच, बलरामपुर, गोण्डा, फैजाबाद श्रावस्ती श्री आर० एस० श्रीवास्तव, प्रभारी प्राचार्य 7408410835
4 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, अनुवां-इलाहाबाद इलाहाबाद,प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, सोनभद, फतेहपुर, कौशाम्बी, भदोही श्री अभय कुमार त्रिपाठी, प्रभारी / प्राचार्य 7703006954
5 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, आहोपट्टी-आजमगढ़ आजमगढ़, वाराणसी, जौनपुर, चन्दौली, अम्बेडकर नगर अश्वनी कुमार, प्रशिक्षक / प्रभारी प्राचार्य 7408410829
6 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, रतनपुरा-मऊ मऊ, बलिया ,देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर श्री अभय कुमार सिंह, प्रभारी प्राचार्य 7408410764
7 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, कालपी-जालौन कानपुर नगर,कानपुर देहात इटावा, औरैया, हमीरपुर, महोबा, बाँदा,ललितपुर, झांसी, जालौन, चित्रकूट श्री मनोज दिवाकर, प्रशिक्षक/प्रभारी प्राचार्य 7408410796
8 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, पिपरौला- शाहजहॉपुर बरेली, शाहजहाँपुर, फर्रूखाबाद, पीलीभीत,बदायूँ , लखीमपुर-खीरी, कन्नौज श्री श्रेयस तिवारी, प्रशिक्षक/प्रभारी प्राचार्य 7408410829
9 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, अडिंग-मथुरा आगरा,मथुरा, अलीगढ, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी,काशीराम नगर, महामाया नगर श्री बिरेन्द्र प्रसाद, प्राचार्य 7408410836
10 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र, नजीबाबाद-बिजनौर मुरादाबाद,रामपुर,सम्भल, मेरठ,बागपत,गाजियाबाद,हापुड, ज्योतिबा फूले नगर /अमरोहा बिजनौर,गौतमबुद्व नगर,सहारनपुर, मुजफफरनगर, बुलन्दशहर,शामली श्री सोम प्रकाश, वरिष्ठ तकनीकी सहायक(माचिस)/ प्रभारी प्राचार्य 7408410837

कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना-

योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय कमेटी द्वारा चयनित प्रशिक्षार्थियों को उनकी मांग के अनुरूप निम्न ट्रेडों में उनकी सुविधानुसार जिला ग्रामोद्योग अधिकारी द्वारा चयनित स्थान पर कुशल ट्रेनर के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जाते हैं -

  1. मौनपालन एग्रोबेस्ड ट्रेड, फल प्रशोधन, मसाला, पापड़, बड़ी एवं अन्य खाद्य प्रसंस्करण
  2. दरी एवं कारपेट बुनाई/रेशा उद्योग
  3. पाटरी, अगरबत्ती, मोमबत्ती एवं चाक मेकिंग
  4. कटिंग टेलरिंग/जरी कढ़ाई
  5. हाथ कागज की निर्मित उपयोगी वस्तुएं
  6. डिटर्जेन्ट पाउडर
  7. चर्म निर्मित उपयोगी वस्तुएं
  8. बॉसबेंत
  9. इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रिानिक्स उद्योग, सेवा उद्योग आदि।

योजनान्तर्गत चयनित उद्यमियों को उनमे निहित कौशल के विकास हेतु कौशल सुधार प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। कौशल सुधार प्रशिक्षण योजनान्तर्गत स्किल अपग्रेडेशन एण्ड प्रमोशन हेतु 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है । इसके अन्तर्गत लाभार्थियों को उत्पादन प्रक्रिया से लेकर बिक्री करने तक की पूर्ण जानकारी दी जाती है ताकि वह अपना स्वरोजगार आसानी से स्थापित कर सके। यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य के साथ संचालित किया जाता है कि उद्यमी इसके माध्यम से अपने कौशल मे विकास कर अपना रोजगार स्वयं की पूंजी से या सरकारी एजेन्सी से वित्तीय सहायता प्राप्त कर उद्योग स्थापित कर सकें जिससे उनका आर्थिक विकास सम्भव हो, तथा आधुनिक तकनीक एवं कौशल वृद्धि से नये, अच्छे एवं गुणवत्तायुक्त उत्पाद बना कर स्थानीय एवं अन्य क्षेत्रों में विक्री कर आत्मनिर्भर हो सके ।

उपरोक्त क्रम में चालू वित्तीय वर्श 2017-18 में शासन द्वारा निम्नानुसार मदों में लाभार्थियों के प्रशिक्षण हेतु प्राविधानित बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति जारी की गयी है।

  1. कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना (सामान्य) (अनुदान सं०-05 आयोजनेत्तर मद)
    सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को कौशल सुधार प्रशिक्षण हेतु शासन द्वारा रू0 100.00 लाख की वित्तीय प्राविधान किया गया है । इस योजना में100 दिन की कार्ययोजना के अन्तर्गत चयनित प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आ दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण प्रस्तावित है । उक्त धनराशि के सापेक्ष 15 दिवसीय प्रशिक्षण के अनुसार 69 सत्रों में 1747 प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आवश्यकता के दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है।
    उक्त धनराशि में से 20 प्रतिशत धनराशि से शसनादेशनुसार अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के प्रशिक्षण हेतु मात्राकृत किये जाने की व्यवस्था है,तदनुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है ।
  2. कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना (एस०सी०एस०पी०) (अनुदान सं०-83 योजनागत मद)
    इस योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को कौषल सुधार प्रशिक्षण हेतु शासन द्वारा रू0 300.00 लाख की वित्तीय प्राविधान किया गया है ।इस योजना में 100 दिन की कार्ययोजना के अन्तर्गत चयनित प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आवष्यकता के दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण प्रस्तावित है । उक्त धनराषि के सापेक्ष 15 दिवसीय प्रषिक्षण के अनुसार 209 सत्रांे में 5240 प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आवश्यकता के दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है ।
  3. कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना (टी०एस०पी०) (अनुदान सं०-81योजनागत मद)
    इस योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपदों के में से जनपद-लखीमपुर-खीरी, पीलीभीत के लाभार्थियों को कौशल सुधार प्रशिक्षण हेतु शासन द्वारा रू0 4.08 लाख की वित्तीय प्राविधान किया गया है । इस योजना में 100 दिन की कार्ययोजना के अन्तर्गत चयनित प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आवश्यकता के दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण प्रस्तावित है। उक्त धनराशि के सापेक्ष दो सत्र में 71 प्रशिक्षार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आवश्यकता के दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है ।
  4. व्यवहारिक प्रशिक्षण योजना (अनुदान सं०-05 आयोजनेत्तर मद)
    ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत ऋण स्वीकृति के उपरान्त विभिन्न ग्रामोद्योगो मे वित्त पोषण से पूर्व व्यवहारिक प्रशिक्षण (उद्यमिता विकास उद्योग प्रबन्धन प्रशिक्षण) प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना शासन से स्वीकृत एवं संचालित है। प्रदेश के समस्त जनपदो में मुख्य मंत्री योजना के अन्तर्गत चयनित व त्रण स्वीकृति के कार्यवाही पूर्ण कर लाभार्थी को प्रशिक्षण प्राप्त करनें सम्बन्धित केन्द्र पर भेजते है जिससे उद्योग स्थापना के पश्चात इकाईयों के बन्द होने की सम्भावनाओ में कमी लायी जा सकें। इस योजना में पात्र उद्यमियों /लाभार्थियों को प्रशिक्षण हेतु शासन द्वारा चालू वित्तीय वर्श 2017-18 में रू0 50.00 लाख की वित्तीय प्राविधान किया गया है । उक्त धनराशि के सापेक्ष 7 दिवसीय प्रशिक्षण के अनुसार 56 सत्रों में 1408 लाभार्थियों को स्थानीय उपलब्धता व आवश्यकता के दृश्टिगत विभिन्न उद्योगों म प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है।

    नोटः- उक्त योजनान्तर्गत में खादी सूत कताई, बुनाई आदि का प्रशिक्षण प्रदान नहीं कराया जाता है।

  5. अन्य सशुल्क प्रशिक्षण/उद्योग विशेस मे प्रशिक्षण
    विभागीय योजनाओं के अतिरिक्त प्रषिक्षण केन्द्रों के द्वारा केन्द्र पर उपलब्ध उपकरण व स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप उद्योग विशेष मे सशुल्क प्रशिक्षण भी कराये जाते है, केन्द्र पर कम्प्यूटर प्रशिक्षण,सिलाई-कढाई,होजरी,ज्वैलरी मार्केट,चाक-बत्ती ,बड़ी-पापड़, मोमबत्ती,अगरबत्ती, अचार-मुरब्बा, फल प्रशोधन, इत्यादि में प्रशिक्षण कराये जाते है।
  6. पी.एम.ई.जी.पी. प्रशिक्षण
    भारत सरकार द्वारा संचालित पी.एम.ई.जी.पी. कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रधान मंत्री रोजगार योजनान्तर्गत जिन उद्यमियों का ऋण स्वीकृत हो जाता है उनका खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। खादी बोर्ड के अलावा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग तथा जिला उद्योग केन्द्र द्वारा ऋण स्वीकृत कराये गये प्रशिक्षार्थियों को आयोग द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कराया जाता है।
  7. मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्रों के अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढीकरण योजना (अनुदान सं०-05 आयोजनागत मद)
    प्रशिक्षण केन्द्र लगभग 30 वर्श से संचालित हैं, जो पुराने हो चुके हैं, प्रशिक्षण केन्द्रों की मरम्मत, रंगाई-पुताई व प्रशिक्षार्थियों के प्रशिक्षण में उपयोग हेतु उपकरण व अन्य आवश्यक सामग्री हेतु शासन द्वारा इस योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्श 2017-18 में रू0 5.00 लाख प्रति प्रशिक्षण केन्द्र की दर से कुल रू0 50.00 लाख की वित्तीय प्राविधान किया गया है, जिसे सम्बन्धित प्राचार्यो द्वारा आवष्यकतानुसारप्रषिक्षण के उपकरण, प्रशिक्षण केन्द्र की मरम्मत,साज-सज्जा एव अनुरक्षण, पेयजल, विद्युत व्यवस्था व अन्य अवस्थापना संबंधी मदों में नियमानुसार व्यय किया जायेगा ।
  8. जनपद-कुशीनगर में खादी कॉमन फैसिलिटी सेन्टर की स्थापना योजना (अवस्थापना मद अनुदान सं०-05 आयोजनागत मद)
    वित्तीय वर्श 2017-18 के लिएउक्त योजना में सापेक्ष शासन द्वारा रू0 50.00 लाख मात्र का वित्तीय प्राविधान किया गया है। वित्तीय वर्श 2016-17 में शासन से स्वीकृतरू0 50.00 लाख मात्र से जनपद-कुशीनगर में निर्माणाधीन खादी कॉमन फैसिलिटी सेण्टर के कार्यदायी संस्था से आँगणन के अनुसार प्रथम फेज के 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण करा लिये गये है। वित्तीय वर्श 2017-18 के लिए प्राविधानित बजट से अवशेश कार्य एवं द्वितीय फेज का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है ।

    उक्त के अतिरिक्त वित्तीय वर्श 2018-19 के आय-व्ययक मे शासन से निट्रा के आगणन के अनुसार अन्तर धनराशि रू0 71.15 लाख मात्र की मांग प्रस्तावित है।